महाराष्ट्र राज्य मानवाधिकार आयोग ने कंगना रनौत को बड़ी राहत दी है। कंगना के ऑफिस पर BMC द्वारा चलाए गए बुल्डोजर वाले केस में आयोग ने BMC कमिश्नर आईएएस इकबाल सिंह चहल को समन भेजा है। इसके साथ ही बॉम्बे हाईकोर्ट से भी कंगना को राहत मिली। कोर्ट ने सोशल मीडिया पर कंगना ट्वीट्स से जुड़े केस पर कहा कि एक्ट्रेस को अपना ट्विटर अकाउंट रखने और उसपर अपने विचार व्यक्त करने का मौलिक अधिकार है।

कंगना के दफ्तर से जुड़े केस की बात करे तो मानवाधिकार आयोग ने बीएमसी कमिश्नर इकबाल सिंह चहल को पेश होने के लिए नोटिस जारी किया है। कथित तौर पर इकबाल सिंह के निर्देशों पर ही कंगना के ऑफिस में तोड़फोड़ की कार्रवाई हुई थी। लेकिन कोर्ट के दखल के बाद इस कार्रवाई को रोकना पड़ा था।

 

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यह तोड़फोड़ 9 सितंबर 2020 को BMC द्वारा एक्ट्रेस के ऑफिस में कुछ हिस्सों को अवैध बताते हुए की गई थी। जिसके बाद कंगना ने कोर्ट में शिकायत की थी। बॉम्बे हाईकोर्ट ने बीते महीने ही इस मामले की सुनवाई के दौरान BMC की इस हरकत को गैरकानूनी ठहराया था। कंगना ने BMC से इस नुकसान की भरपाई के लिए दो करोड़ रुपये का हर्जाना भी क्लेम किया है।

 

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वहीं सोशल मीडिया पर कमेंट्स वाले केस की बात करे तो कंगना के खिलाफ आपत्तिजनक ट्वीट्स करने का आरोप लगाया गया था। जिसपर बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा कि कंगना के पास अपना ट्विटर अकाउंट रखने और उस पर अपनी बात कहने का पूरा अधिकार है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कंगना के खिलाफ यह मामला आपराधिक केस के तौर पर दर्ज हुआ था।