हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता दिलीप कुमार का आज 98वां जन्मदिन है। दिलीप सिनेजगत के उन सदाबहार कलाकरों में से एक हैं जिनके अभिनय और फिल्मों ने भारतीय दर्शकों के दिलों में एक अमिट छाप छोड़ी है। उनके डायलॉग्स को आज भी लोग बेहद उत्साह से बोलते है। दिलीप की फिल्म ‘देवदास’ से लेकर ‘मुगल-ए-आजम’ तक सभी ने सिल्वर स्क्रीन पर धूम मचा दी थी। आज हम आपको लीजेंड अभिनेता के जन्मदिन पर उनकी सदाबहार फिल्मों और उनके योगदान के लिए मिले सम्मान के बारे में बताएंगे।

 

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दिलीप साहब की पहली बॉलीवुड फिल्म साल 1944 में बनी फिल्‍म ‘ज्‍वार-भाटा’ थी। इस फिल्म में उन्होंने मुख्य किरदार निभाया था। इस फिल्म से ही दिलीप साहब के अभिनय जीवन का सुनहरा दौर शुरू हुआ। इसके बाद उन्‍होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। बताते चले कि दिलीप का नाम पहले यूसुफ खान था। बाद में ‘ज्‍वार-भाटा’ के राइटर भगवतीचरण वर्मा ने ही इनका नाम यूसुफ से दिलीप कुमार कर रख दिया था। जिस नाम से बाद में उन्होंने लोगों के बीच चर्चा बटोरी।

इसके बाद साल 1947 में ‘जुगनू’ सिल्वर स्क्रीन पर सफल फिल्म साबित हुई थी। इस फिल्म में इन्होने नूरजहां के साथ अभिनय किया था। यह उनके करियर की पहली हिट फिल्‍म थी। फिर फिल्म ‘साहेब’ (1948) ने भी बॉक्स-ऑफिस पर धूम मचाई थी। इसके बाद उन्होंने ‘अंदाज’ (1949), ‘जोगन’ (1950), ‘दीदार’ (1951), ‘दाग’ (1952), ‘देवदास’ (1955), ‘यहूदी’ (1958) और ‘मधु‍मती’ (1958) जैसी शानदार फिल्में दी। ‘देवदास’ एक्टर के करियर की बेहद महत्वपूर्ण फिल्म साबित हुई थी।

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दिलीप साहब के करियर की सबसे ज्यादा चर्चित फिल्म साल 1960 में आई ‘मुगल-ए-आजम’ थी। फिल्‍म ‘मुगल-ए-आजम’ में दिलीप साहब ने प्रिंस सलीम का किरदार निभाया था। इस फिल्म में मधुबाला ने एक दासी-पुत्री का रोल किया था। ‘मुगल-ए-आजम’ के डायलॉग्स को लोग आज भी बेहद चाव से याद करते हैं।

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1996 में उन्‍होंने सुभाष घई की फिल्‍म ‘कर्मा’ में अभिनय किया था। यह फिल्म आज भी दर्शकों को बेहद पसंद है। फिल्म के प्रत्येक दृश्य को दर्शक बेहद लगन से देखते हैं। इन फिल्मों के अलावा अभिनेता ने ‘क्रांति’, ‘दुनिया’, ‘मशाल’, ‘नया दौर’, ‘कोहिनूर’ और ‘सौदागर’ जैसी शानदार फिल्मों में काम करके भारतीय सिनेमा में अपना अमूल्य योगदान दिया है।

 

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दिलीप कुमार को उनके अभिनय और कला के छेत्र में योगदान देने के लिए भारत सरकार इन्हे ‘पद्मभूषण’ और ‘दादा साहेब फाल्‍के’ पुरस्‍कार से नवाज चुकी है। बताते चले कि दिलीप कुमार का जन्‍म पाकिस्तान स्थित पेशावर के क्‍युसा खवानी बाजार क्षेत्र में पास्‍तुन परिवार में हुआ था। फिल्म जगत में आने के बाद दिलीप साहब न केवल फिल्मों के लिए बल्कि अपने निजी जीवन के किस्सों के लिए भी जाने जाते थे।